कामयाबी क्या है?






वो कामयाबी ही किस काम की,
जो सिर्फ अपने ही काम आए।
अपनों को छोड़-छाड़ कर,
दूर देश मे ठाॅव बनाए।1।

वो मंजिल ही किस काम की,
जो सिर्फ खुद को खुशी दे।
अपनों का दिल दुखाकर,
जीवन भर तड़पता छोड़ दें।2।

वो पहचान ही किस काम की,
जो अपनी पहचान कराए।
जिसके जरिए मिली कामयाबी,
उसकी ही पहचान छुपाए।3।

सच्ची कामयाबी वो है,
जो अपनों संग खुशियां बांटें।
अपना जीवन तो सुधारें ही,
औरों का भी जीवन सुधार दे।4।

अपनो संग अपने देश मे,
अपनी पहचान बनाए।
कामयाबी ऐसी गढ़ दे,
जो मील का पत्थर बन जाए।5।



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