भोर हुई अम्मा
भोर हुई अम्मा जागी,
अम्मा जागी भोर हुई।
यह थी एक पहेली? पहले
अम्मा जागी या भोर हुई।।
पीत वस्त्र पहन दिनकर,
फैलाता स्वर्ण रश्मियां।
स्नान करके आती अम्मा,
पढ़ती रामचरितमानस चौपाइयां।।
धूप अगर बारती,
आरती करती अम्मा।
नन्हे मुन्ने उठ जाते,
कर जोड़ करते वंदना।।
गृह कार्य मे लग जाती,
भेजकर बच्चो को स्कूल।
खेत से लाती सब्जियां,
बनाती खाना स्वादिष्ट खूब।।
ची ची करती चिड़िया,
दाना पानी देती अम्मा।
धेनु रम्भाती पास बुलाती,
दूग्ध दुह कर लाती अम्मा।।
भोर की किरणों सी,
मिठी बातें तेरी अम्मा।
भोर की शीतलता सी,
आंचल की छांव अम्मा।।
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