सरसी छंद - गणेश वंदना
गणपति एकदंत लम्बोदर,घट-घट बसे गणेश।
सभी करें आपकी उपासना,घर मे करो प्रवेश।।
सिद्धविनायक शुभफलदायक,करते पूरन काम।
प्रथम पूज्य गौरी नंदन को, भक्त करे प्रणाम।।
विध्नविनाशक मंगलकर्ता ,दूर करें सब क्लेश।
बाल विनायक मूषक वाहन,रहे न कोई द्वेष।।
रिद्धि सिद्धि के संग विराजे,देते विद्या ज्ञान।
छंदाचार्य अरु संगीतकार,करे आपका ध्यान।।
मोदक लड्डू अति प्रिय गणेश,मेवा दुर्वा साथ।
चरण सुमन मम अर्पित करते,रखें शीश पर हाथ।।
शुभ लाभ के संग पधारो,हे शिव लाल गणेश।
सफल करें जीवन विवेक का,गजनायक विध्नेश।।
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